महत्वपूर्ण मुहावरे

महत्वपूर्ण मुहावरे

महत्वपूर्ण मुहावरे

महत्वपूर्ण मुहावरे

1. अण्डे सेना – घर में निठल्ला बैठा रहना ।
वाक्य प्रयोग – घर में अण्डे सेने से अच्छा है कि बाहर जाकर कुछ काम – धाम करो ।

2. अंक लगाना – गले मिलना ।
वाक्य प्रयोग – भरत जी जैसे ही पंचवटी पहुँचे प्रभु श्रीराम ने उन्हें अंक लगा लिया ।

3. अंगार उगलना – क्रोध में लाल – पीला होना ।
वाक्य प्रयोग – अभिमन्यु की मृत्यु से आहत अर्जुन कौरवों पर अंगार उगलने लगा ।

4. अंगार बरसना – असह्य गरमी पड़ना ।
वाक्य प्रयोग – जेठ की गरमी अंगार बरसाने – जैसी मानी जाती है ।
5. अंगूठा दिखाना – इनकार करना / मना करना ।
वाक्य प्रयोग – रामू ने जब दुकानदार से सामान उधार माँगा , तब उसने अँगूठा दिखा दिया ।

6. अंगूठी का नगीना – अति सम्मानित व्यक्ति या वस्तु ।
वाक्य प्रयोग – लता दीदी पार्श्व – गायन के क्षेत्र में अंगूठी का नगीना हैं ।

7. अंग – अंग फूले न समाना – अति प्रसन्न होना ।
वाक्य प्रयोग – वर्ल्ड कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम का अंग – अंग फूले न समा रहा था ।

8. अंगद का पैर होना – अति दृढ होना ।
वाक्य प्रयोग – रमेश अपनी माँग पर इस तरह अड़ गया जैसे वह अंगद का पैर हो ।

9. अंगार सिर पर धरना / रखना – अत्यन्त दुःख सहना । वाक्य प्रयोग – अनाथ बच्चों को जीवन – भर अंगार सिर पर धरकर चलना पड़ता है ।

10. अन्ये की लाठी होना / अंधे की लकड़ी – एकमात्र सहारा होना ।
वाक्य प्रयोग – बुढ़ापे की पेंशन अन्धे की लाठी होती है।

11. अन्धे के हाथ बटेर लगना – अयोग्य व्यक्ति को बिना प्रयास के कोई अच्छी वस्तु मिल जाना ।
वाक्य प्रयोग- क्या कहा , मोहन पास हो गया। भाई यह तो अन्धे के हाथ बटेर लग गई ।

12. अक्ल पर पत्थर पड़ना – बुद्धि कुण्ठित हो जाना ।
वाक्य प्रयोग – सुरेश ने क्रोध में अपनी पत्नी से कहा , मेरी अक्ल पर पत्थर पड़ गये थे , जो तुम्हें ब्याहने गया ।

13. अपने पैरों पर खड़े होना – स्वावलम्बी होना ।
वाक्य प्रयोग – आजकल लड़के की शादी तभी करना चाहिए जब वह अपने पैरों पर खड़ा हो जाए ।

14. अँगूठा दिखाना – वस्तु देने से मुकर जाना ।
वाक्य प्रयोग- अरे साहब आपके सामने ही ना मोहन ने मुझसे एक सप्ताह के लिए पुस्तक ली थी और अब लौटाने के नाम पर मुझे अंगूठा दिखा दिया ।

15. अपना उल्लू सीधा करना- स्वार्थ सिद्ध करना ।
वाक्य प्रयोग – आजकल सच्चा मित्र मिलता ही कहाँ है । लोग अपना उल्लू सीधा करने की सोचते हैं ।

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16. अक्ल के पीछे लाठी लिए फिरना- मूर्खता के काम करना।
वाक्य प्रयोग – तुम्हें कितनी बार समझाया पर तुम तो अक्ल के पीछे लाठी लिए फिरते हो । अब जो है सो भोगो ।

17. आँख दिखाना – क्रोध प्रकट करना, धमकाना ।
वाक्य प्रयोग – आपका आँखें दिखाना बेकार है । मैं अन्याय का भण्डाफोड़ अवश्य करूँगा ।

18. आँखों में धूल झोंकना – धोखा देना ।
वाक्य प्रयोग- हमारे नेता आजकल खुले आम जनता की आँखों में धूल झोंक रहे हैं ।

19. आगबबूला होना – बहुत क्रोधित होना ।
वाक्य प्रयोग- हनुमान द्वारा राम की प्रशंसा सुनकर रावण आगबबूला हो गया ।

20. आस्तीन का साँप – मित्रता की ओट में छिपा हुआ शत्रु वाक्य प्रयोग – सावधान रहना ! हमारे दल में बहुत आस्तीन के साँप घुस आये हैं ।

21. ईद का चाँद होना – बहुत दिन बाद दिखाई देना ।
वाक्य प्रयोग – कहो मित्र, अब तक कहाँ रहे, तुम तो ईद के चाँद हो गये हो ।

22. ऊँट के मुँह में जीरा – अधिक खाने वाले को कम भोजन मिलना ।
वाक्य प्रयोग – इतनी बड़ी योजना के लिए एक लाख रुपये ऊँट के मुँह में जीरा है ।

23. कान पर जूँ न रेंगना – कोई ध्यान न देना ।
वाक्य प्रयोग – मैंने तुम्हें हजार बार समझाया, किन्तु तुम्हारे कान पर जूँ नही रेंगती ।

24 . गड़े मुर्दे उखाड़ना – पुरानी दबी हुई बातों को फिर से सामने लाना ।
वाक्य प्रयोग – तुम दोनों को अब प्रेम से रहना चाहिए । गड़े मुर्दे उखाड़ने से क्या लाभ ? उन पुरानी बातों को भूल जाओ ।

25. गागर में सागर भरना – थोड़े में बहुत अधिक ।
वाक्य प्रयोग- बिहारी लाल ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया है ।

26. अपने पाँव में कुल्हाड़ी मारना – अपने अहित का काम स्वयं करना ।
वाक्य प्रयोग – बीमार व्यक्ति का बदपरहेज़ी करना अपने पाँव में कुल्हाड़ी मारना है ।

27. आकाश पाताल एक करना – कठिन परिश्रम करना ।वाक्य प्रयोग – राजन को कक्षा में प्रथम आने के लिए आकाश – पाताल एक करना पड़ा ।

28. आँखों पर चर्बी छाना – अनदेखी करना ।
वाक्य प्रयोग – राम की आँखों पर तो चर्बी छाई हुई है , इसलिए वह किसी की नहीं सुनता ।

29. आँखों में धूल झोंकना – धोखा देना ।
वाक्य प्रयोग – राजेश ने अन्तिम समय पर न आकर मेरी आँखों में धूल झोंक दी ।

30. आँख का तारा – अत्यधिक प्यारा।
वाक्य प्रयोग – गणेश अपने माता – पिता की आँख का तारा है।

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31. आँखें खुल जाना – वास्तविकता / सच्चाई का ज्ञान होना।
वाक्य प्रयोग – गीता पढ़ने से सुरेश की आँखें खुल गई ।

32. आँखें नीची होना – लज्जित होना ।
वाक्य प्रयोग – परीक्षा में असफल होने से दोस्तों के बीच महमूद की आँखें नीची हो गईं ।

33. आँखें चार होना – प्रेम होना ।
वाक्य प्रयोग – महेश की तो चित्रकारी से ही आँखें चार हो गई हैं ।

34. आँखें फेरना – प्रतिकूल होना ।
वाक्य प्रयोग – दुर्दिन में स्वार्थी लोग आँखें फेर लेते हैं ।

35. आँखें बिछाना – स्वागत में स्वयं को समर्पित करना । वाक्य प्रयोग – राष्ट्रपति के स्वागत में दिल्ली वालों ने आँखें बिछा रखी हैं ।

36. आँचल बाँधना – गाँठ बाँधना / याद कर लेना ।
वाक्य प्रयोग – माँ ने जो भी सिखाया, मैंने सब बातें आँचल से बाँध ली हैं ।

37. आग – बबूला होना – अत्यधिक क्रोध करना ।
वाक्य प्रयोग – गणेश ने अपने पिता की बात नहीं मानी, तो वे आग – बबूला हो गए ।

38. आग में घी डालना – क्रोध या झगड़े को और अधिक भड़का देना ।
वाक्य प्रयोग – सीमा अक्सर चुगली करके आग में घी डालने का काम करती है ।

39. आगे नाथ न पीछे पगहा – अकेला होना ।
वाक्य प्रयोग – रमेश अकेला है , इसलिए जितना कमाता है सब खर्च कर देता है, उसका कहना है आगे नाथ न पीछे पगहा । फिर किसके लिए बचाऊँ ?


44. घाव पर नमक छिड़कना – दुःखी व्यक्ति को और दुःखी करना ।
वाक्य प्रयोग – तुम उसे बुरा – भला कहकर क्यों घाव पर नमक छिड़कते हो ? असफलता का दुःख उसे क्या कम है ?

45. घी के दिये जलाना – बहुत प्रसन्न होना ।
वाक्य प्रयोग – राम के अयोध्या लौटने पर अयोध्यावासियों ने घी के दिये जलाये थे ।

46. घोड़े बेचकर सोना- गहरी नींद सोना ।
वाक्य प्रयोग – परीक्षा सिर पर आ जाने पर भी वह घोड़े बेचकर सो रहा है ।

47. छाती पर मूँग दलना – परेशान करना ।
वाक्य प्रयोग – मैंने आपका क्या बिगाड़ा है जो आप बराबर मेरी छाती पर मूंग दल रहे हैं ।

48. नौ दो ग्यारह होना – भाग जाना ।
वाक्य प्रयोग – पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गये ।

49. पगड़ी उछालना- अपमान करना ।
वाक्य प्रयोग – तुम्हें सन्त पुरुषों की पगड़ी उछालना शोभा नहीं देता ।

50. पौ बारह होना – काम बनना, सफलता गिनना ।
वाक्य प्रयोग – अब आपको क्या चिन्ता है ? बेटा अफसर हो गया । अब तो आपके पौ बारह हैं ।

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51. मुँह फुलाना- असन्तुष्ट होना ।
वाक्य प्रयोग – छोटी – छोटी बातों पर मुँह फुलाना उचित नहीं।

52. उतार चढ़ाव देखना – अनुभवी होना ।
वाक्य प्रयोग – माता – पिता अथवा बड़े – बुजुर्गों ने अपने जीवन में बहुत उतार – चढ़ाव देखे हैं ।

53. उल्टी माला फेरना – परम्परा के विपरीत कार्य करना ।वाक्य प्रयोग – कुछ लोग उल्टी माला फेरने में वाह – वाही समझते हैं ।

54. उल्टी गंगा बहाना – उल्टा काम करना ।
वाक्य प्रयोग – दुर्वासा ऋषि के क्रोध को शान्त करना उल्टी गंगा बहाना है ।

55. ऊँची दुकान फीके पकवान – प्रसिद्ध जगह की वस्तु निकृष्ट होना ।
वाक्य प्रयोग – मनोज की प्रसिद्ध दुकान अब पहले जैसी नहीं रही । अब तो वह ऊँची दुकान फीके पकवान वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है ।

56. ऊँट के मुँह में जीरा – आवश्यकता से कम मिलना ।
वाक्य प्रयोग – राम ने दस हज़ार रुपये उधार माँगे थे, पर उसे दो हज़ार रुपये ही मिले । यह तो उसके लिए ऊँट के मुँह में जीरा जैसा था ।

57. एक अनार सौ बीमार – एक वस्तु के लिए अनेक लोगों द्वारा प्रयत्न करना ।
वाक्य प्रयोग – एक पद के लिए इतने आवेदन। इसे कहते हैं – एक अनार सौ बीमार ।

58. मुँह में पानी भर आना- ललच उठना ।
वाक्य प्रयोग- अरे भाई ! रबड़ी का नाम मत लेना , चौबे जी के मुँह में पानी भर आयगा ।

59. हवा से बातें करना – बहुत वेग से चलना ।
वाक्य प्रयोग – राम का घोड़ा क्या है, जब चलता है तो मालूम होता है वह हवा से बातें कर रहा है ।

60. ऐसी – तैसी करना – अपमानित करना ।
वाक्य – प्रयोग जब मैं रामू को समझाने लगा, तो उसने मेरी ऐसी – तैसी कर दी ।

61. ओखली में सिर देना – जान बूझकर मुसीबत मोल लेना।
वाक्य प्रयोग – मैंने रीमा से दोस्ती करके बेकार में ही ओखली में सिर दे दिया ।

62. कान पकड़ना – गलती मान लेना ।
वाक्य प्रयोग – गलती होने पर कान पकड़कर उसका प्रायश्चित कर लेना चाहिए ।

63. कंगाली में आटा गीला होना – विपत्ति में और विपत्ति आना ।
वाक्य प्रयोग – एक तो वेतन कम है और ऊपर से महँगाई , मेरे लिए कंगाली में आटा गीला होने जैसा है ।

64. कच्चा चिट्ठा खोलना – किसी के दोषों को सबके सामने बताना ।
वाक्य प्रयोग – कच्चा चिट्ठा खोलना रंजीत की बड़ी गन्दी आदत है ।

65. कलम तोड़ना – अत्यन्त मार्मिक या हृदयस्पर्शी वर्णन करना ।
वाक्य प्रयोग – सूरदास ने अपने पदों द्वारा कान्हा की प्रशंसा में सचमुच कलम ही तोड़ दी है ।

66. कलेजे पर साँप लोटना – अपार कष्ट होना ।
वाक्य प्रयोग – खेल में हार जाने पर रवि के कलेजे पर साँप लोटने लगा ।

67. कलेजा मुँह को आना – दुःख होना
वाक्य प्रयोग – उसके असाध्य रोग का ध्यान आते ही कलेजा मुँह को आता है ।

68. कागजी घोड़े दौड़ाना – केवल कागजी कार्यवाही करना । वाक्य प्रयोग – कोई भी काम केवल कागजी घोड़े दौड़ाने से पूर्ण नहीं होता है ।

69. काठ का उल्लू होना – मूर्ख होना ।
वाक्य प्रयोग – रमेश को कुछ भी जानकारी नहीं है । वह तो काठ का उल्लू है ।

70. कान का कच्चा होना – बिना सोचे विचारे दूसरे की बातों पर विश्वास करना ।
वाक्य प्रयोग – गगन तो कान का कच्चा है । वह सबकी बात मान लेता है ।

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71. कान पर जूं न रेंगना – बार बार कहने पर भी बात पर ध्यान न देना ।
वाक्य प्रयोग – हमेशा सुरेश को हेलमेट पहनने के लिए बोलती हूँ , पर उसके तो कान पर जूँ नहीं रेंगती ।

72. छाती पर साँप लोटना – ईर्ष्या से जल उठना । वाक्य प्रयोग – गीता के बेटे का परीक्षाफल सुनकर रमेश की माँ की छाती पर साँप लोट गया ।

73. कीचड़ उछालना – दोषारोपण करना ।
वाक्य प्रयोग – गलती रानी करती है और कीचड़ मेरे ऊपर उछालती है ।

74. कुत्ते की मौत मरना – बुरी तरह मरना ।
वाक्य प्रयोग – वह निर्दयी तो कुत्ते की मौत मरा ।

75. कुएँ में भाँग पड़ना – सम्पूर्ण परिवार का दूषित प्रवृत्ति का होना ।
वाक्य प्रयोग – रत्नेश के यहाँ तो कुएँ में ही भाँग पड़ी है, तभी तो परिवार में सभी एक जैसे मूर्ख हैं ।

76. कूप मण्डूक होना – सीमित ज्ञान होना ।
वाक्य प्रयोग – आज के वैश्विक युग में भी कितने लोग कूप मण्डूक हैं ।

77. छाती पर साँप लोटना – ईर्ष्या होना ।
वाक्य प्रयोग – भारत की चहुँमुखी प्रगति को देखकर पाकिस्तान की छाती पर साँप लोटने लगा है ।

78. लाल पीला होना – क्रोधित होना ।
वाक्य प्रयोग – नन्हें ध्रुव के हाथ से दूध भरा गिलास गिर जाने पर उसकी माँ उस पर खूब लाल पीला होने लगीं ।

79. दाँतों तले उँगली दबाना- आश्चर्यचकित हो जाना ।
वाक्य प्रयोग – विज्ञान मेला में एक नन्हें वैज्ञानिक के यन्त्र प्रयोग को देखकर दर्शक दाँतों तले उँगली दबाने लगे ।

80. घड़ों पानी पड़ना- अत्यधिक लज्जित होना ।
वाक्य प्रयोग – भ्रष्टाचार का भेद खुलने पर मंत्री के ऊपर घड़ों पानी पड़ गया ।

81. हाथ कंगन को आरसी क्या – प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती ।
वाक्य प्रयोग- अधिक प्रशंसा करने से क्या फायदा , कार चलाकर अच्छे चालक होने का प्रमाण दे दो, हाथ कंगन को आरसी क्या ।

82. हर्रा लगे न फिटकरी रंग चोखा ही चोखा – बिना परिश्रम के काम बनना ।
वाक्य प्रयोग – गोपाल के थानेदार बनने में मंत्री से रिश्तेदारी का ही हाथ है, उसके पिता की हर्रा लगे न फिटकरी पर रंग चोखा आ गया ।

83. आँखें नीची होना – अपमान का अनुभव होना ।
वाक्य प्रयोग – फिजूलखर्ची और बड़ी – बड़ी बातें करने वाला करीम खाँ जब मादक पदार्थों की तस्करी करते पकड़ा गया तो सबके सामने उसकी आँखें नीची हो गयीं ।

84. आसमान टूट पड़ना – बड़ी विपत्ति का आना ।
वाक्य प्रयोग- अस्सी वर्षीया वृद्धा गंगादेवी पर उस समय आसमान टूट पड़ा जब उसने सुना कि उसके इकलौते बेटे की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी ।

85. एक अनार और सौ बीमार – वस्तु मात्र एक किन्तु उसे हासिल करने के लिए अनेक लोग प्रयासरत हों ।
वाक्य प्रयोग – विद्यालय में चपरासी के रिक्त मात्र एक पद के लिए सैकड़ों आवेदन पत्र का आना ‘ एक अनार सौ बीमार ‘ की कहावत को चरितार्थ करता है ।

86. आकाश पाताल एक करना – अत्यधिक मेहनत करना । वाक्य प्रयोग- श्यामेन्द्र को परीक्षा के समय आकाश – पाताल एक करना पड़ा , तब जाकर सफलता मिली है ।

87. छक्के छुड़ाना – पराजित कर देना ।
वाक्य प्रयोग – इस बार भारत की क्रिकेट टीम ने इंग्लैण्ड के छक्के छुड़ा दिये ।

88. अंगारे सिर पर धरना – विपत्ति मोल लेना ।
वाक्य प्रयोग – सोच समझकर काम करना चाहिए । व्यर्थ में उससे झगड़ा लेकर अंगारे सिर पर मत धरो ।

89. अपनी करनी पार उतरनी – समस्याओं से छुटकारा स्वयं के प्रयास से ही मिलता है ।
वाक्य प्रयोग- यदि तुम समझ लोगे कि अपनी करनी पार उतरनी तो तभी तुम्हारा भला होगा ।

90. अपने मुंह मिया मिट्ठू बनना – अपनी प्रशंसा स्वयं करना।
वाक्य प्रयोग – अपने मुँह मिया मिट्ठू बनना ठीक नहीं, तुम क्या हो, सब समझते हैं।

91. एक म्यान में दो तलवार – एक ही स्थान पर दो विचारधाराएँ नहीं रह सकती हैं ।
वाक्य प्रयोग – तुम एक म्यान में दो तलवार की तरह इसाई और मुसलमान दोनों नहीं हो सकते हो ।

92. कूप मण्डूक होना – संकुचित विचारवाला होना ।
वाक्य प्रयोग – समुद्र पार करने का निषेध करके हमारे पुरखों ने हमें कूप मण्डूक बना रहने दिया ।

93. काला अक्षर भैंस बराबर- बिल्कुल अनपढ़ ।
वाक्य प्रयोग – संगीत के विषय में मेरी स्थिति काला अक्षर भैंस बराबर है ।

94. नाक का बाल होना – अत्यन्त प्रिय ।
वाक्य प्रयोग – मुख्यमंत्री जी की समस्या है अपनी नाक का बाल बने घोटाले में फँसे मंत्री जी को पार्टी से कैसे निकालें ।

95. दूध का दूध , पानी का पानी – सच्चाई को सार्वजनिक कर देना ।
वाक्य प्रयोग – घोटाले में फँसे नेताजी को जेल भेजकर न्यायालय ने दूध का दूध, पानी का पानी सिद्ध कर दिया ।

96. न तीन में न तेरह में – महत्त्वहीन होना ।
वाक्य प्रयोग – ज्यादा डींग मत मारो, सच्चाई को स्वीकार करो, तुम न तीन में हो न तेरह में ।

97. नौ नकद न तेरह उधार – थोड़ा कम नकद विक्रय अधिक उधार विक्रय की अपेक्षा अच्छा है ।
वाक्य प्रयोग – तत्काल कम लाभ पर बेचना स्वीकार करो, अधिक के लोभ में उधार देना उचित नहीं, क्योंकि कहा गया है कि नौ नकद न तेरह उधार

98. हाथों के तोते उड़ जाना – अचानक अनिष्ट से स्तब्ध रह जाना ।
वाक्य प्रयोग – पुत्र के दुर्घटना में मारे जाने की खबर सुनकर महेश के हाथ के तोते उड़ गए ।

99. अंग अंग फूले न समाना – अत्यधिक प्रसन्न होना । वाक्य – प्रयोग – प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर रमेश का अंग – अंग फूला नहीं समा रहा था ।

100. घर का भेदी लंका ढाये – अपना आदमी विपक्ष को भेद देकर नाश करवा देता है ।
वाक्य – प्रयोग – केशव ने मेरी हर बात विफल कर दी क्योंकि मेरे भाई ने उसे पहले ही मेरी सारी योजना बता दी थी । ठीक ही तो कहा है – घर का भेदी लंका ढाये ।

101. नौ दिन चले अढ़ाई कोस – बहुत समय में थोड़ा काम । वाक्य प्रयोग – अरे ! आज दिन भर में पाँच ही उत्तर पुस्तिकाएँ जंची हैं । ‘ नौ दिन चले अढ़ाई कोस । ‘

102. उंगली पर नचाना – अपने वश में करना ।
वाक्य प्रयोग – जिलाधिकारी सभी कर्मचारियों को अपनी उंगली पर नचाता हैं ।

103. उल्टी गंगा बहाना – परम्परा से हटकर कार्य करना । वाक्य प्रयोग – चाचा के ऊपर हुक्म चलाकर क्यों उल्टी गंगा बहा रहे हो ?

104. ठगा सा खड़ा रह जाना – आश्चर्यचकित रह जाना । वाक्य प्रयोग – विदेशी लोग ताजमहल को देखकर ठगे – से खड़े रह जाते हैं ।

105. जिसकी लाठी उसकी भैंस – शक्तिशाली का ही वर्चस्व होता है ।
वाक्य प्रयोग – रेशमा के गाँव में जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली लोकोक्ति ठीक बैठती है ।

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106. टोपी उछालना – इज्जत से खिलवाड़ करना ।
वाक्य प्रयोग – सन्तान को अपने माँ बाप की टोपी नहीं उछालनी चाहिए ।

107. ठकुर सुहाती करना – चापलूसी करना ।
वाक्य प्रयोग – योगेश का सारा समय बॉस की ठकुर सुहाती करने में गुज़रता है ।

108. डूबते को तिनके का सहारा – संकट में थोड़ी – सी सहायता भी बहुत लगती है ।
वाक्य प्रयोग – गाँव के मुखिया की ओर से रामू की बेटी के ब्याह में की गई सहायता से डूबते को तिनके का सहारा मिल गया ।

109. ढोल की पोल – बाहरी दिखावे के पीछे छिपा खोखलापन ।
वाक्य प्रयोग – बहुत से अतिथियों के आ जाने से ललन सोचने लगा – कहीं आज ढोल की पोल न खुल जाए ।

110. तिल का ताड़ बनना – छोटी सी बात को बड़ी बनाना ।
वाक्य प्रयोग – इस झगड़े के पीछे माखन सिंह ही हैं । उसे तिल का ताड़ बनाना खूब आता है ।

111. काठ की हाँड़ी बार – बार नहीं चढ़ती – धोखेबाजी बार – बार नहीं चलती ।
वाक्य प्रयोग – सुरेश देशी घी में डालडा मिलाकर बेचता है । एक दिन पकड़ा गया, क्योंकि काठ की हाँड़ी बार – बार नहीं चढ़ती है ।

112. खटाई में पड़ना – उलझन पैदा करना ।
वाक्य प्रयोग- मेरे मामले का निर्णय अभी तक नहीं हुआ है , लिपिक महोदय ने जान – बूझकर उसे खटाई में डाल दिया है।

113. अगर – मगर करना – बचने का बहाना ढूँढ़ना ।
वाक्य प्रयोग – अब ये अगर – मगर करना बन्द करो और चुपचाप स्थानान्तरण पर चले जाओ ।

114. कलेजा मुँह को आना – अत्यधिक व्याकुल होना । वाक्य प्रयोग- अपने मित्र के स्वर्गवास का समाचार सुनकर कृष्ण को ऐसा लगा, जैसे उसका कलेजा मुँह को आ गया ।

115. मुट्ठी गर्म करना- रिश्वत देना ।
वाक्य प्रयोग – लिपिक की मुट्ठी गर्म करने पर ही लाभचन्द को चीनी का परमिट मिल सका ।

116. चोर – चोर मौसेरे भाई – समाज विरोधी कार्य में लगे हुए व्यक्ति हैं ।
वाक्य प्रयोग- आजकल मनरेगा में ग्रामप्रधान और अधिकारी चोर – चोर मौसेरे भाई की तरह कार्य कर रहे हैं ।

117. आधा तीतर – आधा बटेर – अधूरा ज्ञान ।
वाक्य प्रयोग- या हिन्दी में बोलिए या अंग्रेजी में आधा तीतर आधा बटेर का प्रयोग प्रभावकारी नहीं होता है ।

118. अँगारे बरसना – अत्यधिक गर्मी पड़ना ।
वाक्य प्रयोग – जून मास की अँगारे बरसाती धूप से बचना हितकारी है ।

119. तिल का ताड़ करना – छोटी सी बात को बड़ी करना । वाक्य प्रयोग – बात बहुत छोटी – सी थी किन्तु मोहन उसे तिल का ताड़ बना दिया ।

120. छाती पर साँप लोटना – ईर्ष्या होना ।
वाक्य प्रयोग – भारत की चहुँमुखी प्रगति को देखकर पाकिस्तान की छाती पर साँप लोटने लगा है ।

121. खून का प्यासा होना- दुश्मन होना ।
वाक्य प्रयोग – भाई की मौत का बदला लेने के लिए सोहन रमेश के खून का प्यासा बन गया ।

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