यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. इनमें से किस वर्ष में फ्रांस में नागरिक संहिता , जिसे नेपोलियन की संहिता के नाम से भी जाना जाता है , का उदय हुआ ?
( क ) 1800 ई . ( ख ) 1802 ई .
( ग ) 1804 ई . ( घ ) 1806 ई .

प्रश्न 2. ‘ यंग इटली सोसाइटी ‘ का संस्थापक कौन था ?

( क ) गैरीबॉल्डी ( ख ) बिस्मार्क
( ग ) काबूर         ( घ ) मेजिनी

प्रश्न 3. फ्रांस में गणतंत्र की घोषणा किस वर्ष हुई ?
( क ) 1815 ई . ( ख ) 1830 ई .
( ग ) 1848 ई . ( घ ) 1871 ई .

प्रश्न 4. निम्न में से किस संधि के फलस्वरूप यूनान को एक स्वतन्त्र राष्ट्र के डी रूप में मान्यता मिली ?

( क ) पेरिस की संधि ( ख ) वर्साय की संधि
( ग ) वियना की संधि ( घ ) कुस्तुनतुनिया की संधि

प्रश्न 5. निम्न में से यह किसका कथन है- ” जब फ्रांस छींकता है , तो बाकी यूरोप को सर्दी – जुकाम हो जाता है ?

( क ) मैटरनिख ( ख ) कावूर
( ग ) बिस्मार्क ( घ ) मेत्सिनी

प्रश्न 6. फ्रांस की क्रांति हुई
( क ) 1788 ई . ( ख ) 1789 ई .
( ग ) 1790 ई . ( घ ) 1787 ई .

प्रश्न 7. राष्ट्रवाद का प्रारम्भ जिस देश से हुआ , वह है –

( क ) जमनी ( ख ) इटली
( ग ) फ्रांस ( घ ) इंग्लैण्ड

प्रश्न 8. जर्मनी को किस वर्ष एक स्वतन्त्र राज्य घोषित किया गया ?

( क ) 1871 ई . ( ख ) 1872 ई .
( ग ) 1876 ई . ( घ ) 1880 इ .

प्रश्न 9 .जर्मनी का एकीकरण का श्रेय इनमें से किसे दिया जाता है ?
(क) काइजर विलियम प्रथम (ख) ऑटो वॉन बिस्मार्क
( ग ) हिटलर ( घ ) मेत्सिनी

प्रश्न 10. नेपोलियन का सम्बन्ध किस देश से था ?

( क ) जर्मनी ( ख ) इटली
( ग ) फ्रांस ( घ ) इंग्लैंड

प्रश्न 11. इटली का एकीकरण किसके नेतृत्व में किया गया ?
( क ) ज्युसेपे गैरीबॉल्डी ( ख ) ऑटो वान बिस्मार्क
( ग ) नेपोलियन ( घ ) विलियम प्रथम

प्रश्न 12. 1848 की फ्रांसीसी राज्य क्रांति के फलस्वरूप

( क ) निरंकुश राजतंत्र की स्थापना हुई ।
( ख ) सीमित राजतंत्र की स्थापना हुई ।
( ग ) सैन्य शासन की स्थापना हुई ।
( घ ) गणतंत्र की स्थापना हुई ।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. किस प्रसिद्ध फ्रांसीसी चित्रकार ने चार चित्रों की श्रृंखला बनाई ?

उत्तर- फ्रेडरिक सॉरयू ने ( 1848 ई . में )

प्रश्न 2. उन्नीसवीं शताब्दी में यूरोप में राजनीतिक एवं मानसिक जगत् में भारी परिवर्तन आने के क्या कारण थे ?

उत्तर- राष्ट्र – राज्य का उदय ।

प्रश्न 3. निरंकुशवाद से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर- एक ऐसी सरकार या शासन – व्यवस्था जिसका सत्ता पर किसी प्रकार का कोई अंकुश नहीं होता । ऐसी सरकार जनता के अनुकूल कार्य नहीं करती । ये अत्यंत केंद्रीकृत , सैन्य बल पर आधारित और दमनकारी सरकारें होती थीं ।

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प्रश्न 4. जर्मनी के एकीकरण में सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान किसका था ?
जर्मन राष्ट्र का प्रथम सम्राट कौन घोषित किया गया ?

उत्तर- जर्मनी के एकीकरण में ऑटो वॉन बिस्मार्क का सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान था । प्रशा के राजा विलियम प्रथम को जर्मन राष्ट्र का प्रथम सम्राट घोषित किया गया ।

प्रश्न 5. जनमत संग्रह क्या है ?

उत्तर – जनमत संग्रह एक प्रत्यक्ष मतदान है जिसके जरिए एक क्षेत्र के सभी लोगों से एक प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए पूछा जाता है।

प्रश्न 6.उदारवाद क्या है ?

उत्तर – उदारवाद liberalism शब्द का हिंदी रूपांतरण है । liberalism शब्द लैटिन भाषा के liber पर आधारित है , जिसका अर्थ है – स्वतंत्रता । नए मध्य वर्गों के लिए उदारवाद का मतलब था – व्यक्ति के लिए आजादी और कानून के समक्ष सबकी बराबरी ।

प्रश्न 7. नृजातीय शब्द का अर्थ बताइए ।

उत्तर- एक साझा नस्ली जनजातीय या सांस्कृतिक उद्गम अथवा पृष्ठभूमि जिसे कोई समुदाय अपनी पहचान मानता है ।

प्रश्न 8. जर्मन राष्ट्र का रूपक क्या था ? वह किस बात का प्रतीक था ?
उत्तर- जर्मेनिया जर्मन राष्ट्र की रूपक थी । चाक्षुष अभिव्यक्तियों में जर्मेनिया बलूत वृक्ष के पत्तों का मुकुट पहनती है क्योंकि जर्मन बलूत वीरता का प्रतीक है ।

प्रश्न 9. नारीवाद क्या था ?
उत्तर- स्त्री – पुरुष को सामाजिक , आर्थिक एवं राजनीतिक समानता की सोच के आधार पर महिलाओं के अधिकारों और हितों का बोध नारीवाद है ।

प्रश्न 10.ऑटो वॉन बिस्मार्क को जर्मनी के एकीकरण का जनक क्यों कहा जाता है ? दो कारण लिखिए ।
उत्तर- ( i ) बिस्मार्क ने सुधार एवं कूटनीति के अंतर्गत जर्मनी के क्षेत्रों का प्रशाकरण अथवा प्रशा का एकीकरण करने का प्रयास किया ।
( ii ) बिस्मार्क ने जर्मनी के एकीकरण के लिए रक्त और लौह की नीति ‘ का पालन किया । इस नीति से तात्पर्य था कि सैन्य उपायों द्वारा ही जर्मनी का एकीकरण करना।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. ” ज्युसेपे मेत्सिनी और कावूर ने इटली के एकीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की । ” इस कथन की समीक्षा कीजिए ।
उत्तर- 1830 के दशक में ज्युसेपे मेत्सिनी ने एकीकृत इतालवी गणराज्य के लिए एक सुचारित कार्यक्रम प्रस्तुत करने की कोशिश की थी । उसने अपने उद्देश्यों के प्रसार के लिए यंग इटली नामक एक गुप्त संगठन भी बनाया था । 1831 से 1848 तक क्रांतिकारी विद्रोह हुए लेकिन इसे असफलता हाथ लगी । सार्डिनिया पीडमॉण्ट के राजा विक्टर इमेनुएल द्वितीय के मंत्री प्रमुख कावूर ने इटली के एकीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई । उसने इटली के प्रदेशों को 7 एकीकृत करने वाले आंदोलन का नेतृत्व किया न तो वह एक क्रांतिकारी था – और न ही जनतंत्र में विश्वास रखने वाला । इतालवी अभिजात वर्ग के तमाम अमीर और शिक्षित सदस्यों की तरह वह इतालवी भाषा से कहीं बेहतर फ्रेंच बोलता था । फ्रांस से सार्डिनिया – पीडमॉण्ट की एक चतुर कूटनीतिक संधि , जिसके पीछे कावूर का हाथ था , से वह 1859 में ऑस्ट्रिया को हराने में र कामयाब रहा ।

प्रश्न 2 . ” नेपोलियन ने निःसंदेह फ्रांस में लोकतंत्र को नष्ट किया था , परंतु प्रशासनिक क्षेत्र में उसने क्रांतिकारी सिद्धांतों का समावेश किया था , ताकि पूरी व्यवस्था अधिक तर्कसंगत और कुशल बन सके । इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
उत्तर- नेपोलियन ने नि : संदेह फ्रांस में लोकतंत्र को नष्ट किया था परंतु प्रशासनिक क्षेत्र में उसने क्रांतिकारी सिद्धांतों का समावेश किया था ताकि पूरी व्यवस्था अधिक तर्कसंगत और कुशल बन सके । 1804 ई . की नागरिक संहिता ( जिसे आमतौर पर नेपोलियन की संहिता के नाम से जाना जाता है ) ,के तहत निम्नलिखित परिवर्तन किए गए थे –
( i ) जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए थे ।
( ii ) उसने कानून के समक्ष बराबरी और संपत्ति के अधिकार को सुरक्षित बनाया ।
( iii ) डच गणतंत्र , स्विट्जरलैंड , इटली और जर्मनी में नेपोलियन ने प्रशासनिक विभाजनों को सरल बनाया । सामंती व्यवस्था को खत्म किया ।

( iv ) किसानों को भू – दासत्व और जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति दिलाई ।
( v ) शहरों में भी कारीगरों के श्रेणी संघों के नियंत्रणों को हटा दिया गया ।
( vi ) यातायात और संचार व्यवस्थाओं को सुधारा गया ।

संक्रामक रोग प्रसार तथा नियंत्रण

प्रश्न 3. उदारवाद की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।
उत्तर- उदारवाद लैटिन भाषा के शब्द ‘ लिबर ‘ से बना है , जिसका अर्थ है – आजाद । नए मध्यम वर्गों के लिए उदारवाद का अर्थ था – व्यक्ति के लिए आज़ादी और कानून के समक्ष बराबरी । इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थीं
( i ) उदारवाद एक ऐसी सरकार पर ज़ोर देता था जो सहमति से बनी हो ।
( ii ) उदारवाद निरंकुश शासक और पादरी वर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति , संविधान तथा संसदीय प्रतिनिधि सरकार का पक्षधर था ।
( iii ) 19 वीं सदी के उदारवादी निजी संपत्ति के स्वामित्व की अनिवार्यता पर भी बल देते थे ।
( iv ) आर्थिक क्षेत्र में उदारवाद , बाज़ारों की मुक्ति और चीजों तथा पूँजी के आवागमन पर राज्य द्वारा लगाए गए नियंत्रणों को खत्म करने के पक्ष में था। ये एक ऐसे एकीकृत आर्थिक क्षेत्र में निर्माण के पक्ष में थे जहाँ वस्तुओं , लोगों और पूँजी का आवागमन बाधारहित हो ।

प्रश्न 4. बाल्कन प्रदेशों में राष्ट्रवादी तनाव क्यों पनपा ?
उत्तर – 1871 ई . के बाद यूरोप में बाल्कन क्षेत्र गंभीर राष्ट्रवादी न तनाव का क्षेत्र बन गया । इस राष्ट्रवादी तनाव के निम्नलिखित कारण थे
( i ) इस क्षेत्र की अपनी भौगोलिक व जातीय भिन्नता थी । है
( ii ) इस क्षेत्र में आधुनिक यूनान , रोमानिया , बुल्गेरिया , अल्वेरिया , मेसिडोनिया , क्रोएशिया , बोस्निया – हर्जेगोविना , स्लोवेनिया , सर्बिया , मॉन्टिनिग्रो आदि देश थे जहाँ पर स्लाव भाषा बोलने वाले लोग रहते थे। ये सभी तुर्कों से भिन्न थे

( iii ) तुर्कों और इन ईसाई प्रजातियों के बीच मतभेदों के कारण यहाँ पर हालात भयंकर हो गए ।

( iv ) जब स्लाव राष्ट्रीय समूहों में स्वतंत्रता व राष्ट्रवाद का विकास हुआ तो तनाव की स्थिति और भी भयंकर हो गई ।
( v ) इस कारण इन राज्यों में आपसी प्रतिस्पर्धा और हथियारों की होड़ लग गई । इसने स्थिति को और गंभीर बना दिया ।

Class 12 हिंदी गद्य के विकास पर आधारित प्रश्न

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. उदारवादियों की 1848 की क्रांति का क्या अर्थ लगाया जाता है ? उदारवादियों ने किन राजनीतिक , सामाजिक एवं आर्थिक विचारों को बढ़ावा दिया ?
उत्तर- उदारवादियों की 1848 की क्रांति वास्तव में तब हुई जब कई यूरोपीय देशों में बेरोजगारी , भुखमरी तथा गरीबी का वातावरण था । इस क्रांति को लाने में मध्यम वर्ग का बहुत बड़ा योगदान था , जिस कारण सभी देशों में कई व्यापक परिवर्तन हुए । इनमें प्रमुख राजनीतिक , सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन निम्नलिखित हैं
राजनीतिक क्षेत्र में परिवर्तन –
( i ) राजतंत्र का अंत करके गणतंत्र की स्थापना की गई ।
( ii ) सार्वजनिक मताधिकार के आधार पर निर्मित जन – प्रतिनिधि सभाओं के निर्माण के प्रयास आरंभ हुए ।
( iii ) जर्मनी , इटली , पोलैंड , ऑस्ट्रो – हंगेरियन साम्राज्यों में उदारवादी मध्यम वर्गों के स्त्री – पुरुषों ने संविधानवाद की माँग को राष्ट्रीय एकीकरण की माँग के साथ जोड़ा ।
( iv ) महिलाओं को राजनीतिक मताधिकार दिए जाने की माँग की जाने लगी ।
सामाजिक क्षेत्र में परिवर्तन-
( i ) महिलाओं को पुरुषों के समान दर्जा दिया जाने लगा तथा उनकी सभी क्षेत्रों में भागीदारी को महत्त्व व सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा ।
( ii ) कुलीन वर्ग की अपेक्षा मध्यम वर्ग के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी जिससे कुलीन वर्ग की श्रेष्ठता कम हुई ।
आर्थिक क्षेत्र में परिवर्तन –
( i ) मज़दूरों और कारीगरों ने भी अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन व आंदोलन का मार्ग अपनाया ।
( ii ) भू – दासता और बंधुआ मजदूरी का अंत किया गया ।
( iii ) बाज़ारों की मुक्ति , चीजों तथा पूँजी के स्वतंत्र आदान – प्रदान की माँग ने जोर पकड़ा ताकि व्यापारिक उन्नति के मार्ग खुलें ।

प्रश्न 2. गैरीबॉल्डी कौन था और वह इतिहास में क्यों प्रसिद्ध है ?
उत्तर- ज्युसेपे गैरीबॉल्डी इटली का सबसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी था । उसका परिवार तटीय व्यापार करने वाला परिवार था और वह स्वयं भी व्यापारिक नौसेना में एक नाविक था । 1833 में वह मेत्सिनी के ‘ यंग इटली ‘ आंदोलन से जुड़ा और 1834 में उसने पीडमॉण्ट के गणतंत्रीय विद्रोह में भाग लिया । जब यह असफल हो गया तो वह दक्षिण अमेरिका भाग गया तथा 1848 तक वहाँ निर्वासित जीवन व्यतीत करता रहा । 1854 में उसने विक्टर इमेनुएल का इस बात के लिए समर्थन किया कि वह इटली का एकीकरण चाहता था । 1860 में उसने दक्षिणी इटली की ओर से एक्सपिडिशन ऑफ द थाउजेंड का नेतृत्व किया । इसमें कई स्वयंसेवक जुड़े और इनकी संख्या 30,000 तक पहुंच गई । इन्हें ‘ रेड शर्ट्स ‘ के नाम से प्रसिद्धि मिली ।
1867 में स्वयंसेवकों की यह सेना पेपल राज्यों की तरफ से फ्रांसीसी सैनिकों से रोम में भिड़ गई । इस युद्ध में रेड शर्ट्स ‘ की जीत हुई । इस तरह से पेपल राज्य इटली से मिल गए । अंतत : यह कहा जा सकता है कि उसने अपने स्वयंसेवकों की एक सेना बनाकर इटली के एकीकरण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया ।

हिंदी पद्य से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 3. 1789 की फ्रांसीसी क्रांति का फ्रांस वयूरोप पर क्या प्रभाव पड़ा ? या फ्रांस की क्रांति के दो परिणाम बताइए ।
उत्तर- 1789 में फ्रांस में जो क्रांति हुई उसके फ्रांस और यूरोप पर निम्नलिखित व्यापक प्रभाव पड़े थे फ्रांस पर प्रभाव –
( i ) लुई वंश के शासन का अंत हुआ और उसके स्थान पर लोकतांत्रिक शासन की स्थापना हुई ।
( ii ) सरकार द्वारा लोक – कल्याणकारी कार्य किए गए ; जैसे – सड़कों , पुलों , नहरों , अस्पतालों , बाँधों , स्कूलों आदि का निर्माण ।
( iii ) समानता , स्वतंत्रता , भ्रातृत्व की भावना से भरे हुए नए समाज की नींव रखी गई ।
( iv ) न्याय व्यवस्था का पुनर्गठन करके देश के लिए नवीन कानून संहिता लागू की गई ।
( v ) प्रभुसत्ता , राजतंत्र के हाथों से निकलकर जनता में निवास करने लगी ।
( vi ) इस्टेट जनरल के स्थान पर सक्रिय नागरिकों द्वारा चुनी गई नेशनल एसेंबली का गठन किया गया ( vii ) फ्रेंच भाषा को राष्ट्र भाषा और फ्रेंच तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज घोषित किया गया ।
( viii ) आंतरिक आयात – निर्यात शुल्क हटा दिए गए । साथ ही भार व नाप की एकसमान व्यवस्था लागू की गई ।
( ix ) शासक और पादरी वर्ग के विशेषाधिकारों का अंत किया गया तथा कानून के समक्ष सबको बराबर माना गया । संपत्ति के अधिकार को सुरक्षित बनाया गया ।
यूरोप पर प्रभाव –
( i ) यूरोप में भी राष्ट्रवाद को मजबूती मिली और राष्ट्र राज्यों का उदय होने लगा ।
( ii ) लोकतंत्रीय सिद्धांत को विश्व आधार मिला तथा ‘ सरकार जनता द्वारा और जनता के लिए होनी चाहिए ‘ इस विचार को बल मिला ।
( iii ) यूरोप में भी समाजवादी विचारधारा का प्रचार होने लगा , जिस कारण सामाजिक , आर्थिक , राजनैतिक समानता के सिद्धांतों पर बल दिया जाने लगा ।
( iv ) यूरोप के अन्य राष्ट्र के लोग भी मानवीय अधिकारों की माँग करने लगे ।
( v ) यूरोप के निरंकुश राजतंत्रों ने अपने यहाँ क्रांतिकारियों का दमन करना आरंभ कर दिया।

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